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रेप को कहता था ‘पिताजी की माफी’, पढ़िए वह चिट्ठी जिसने PM तक को हिला डाला था

शुक्रवार को पंचकूला में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख राम रहीम को रेप केस में सीबीआई कोर्ट ने दोषी करार दिया। कोर्ट के इस फैसले के बाद काफी सरे लोगो ने सेहर में काफी जगह तोड़ फोड़ करदी थी और ये ही नहीं पुलिस की गोलियों स करीब 32 लोगो की जान भी जा चुकी हैं |मामाल इतना बढ़ सकता है इसका अंदाजा सभी को था, लेकिन हरियाणा सरकार ने कुछ चूक कर दी। यह मामला 2002 में शुरु हुआ और इंसाफ के लिए पीड़िता को सालों का लंबा इंतजार करना पड़ा।

आखिर मामला क्या हैं राम रहीम का

डेरा के चीफ बाबा राम रहीम को उसकी सजा दिलाने के लिए एक पीड़ित महिला ने बहुत संघर्ष किये |बाबा राम रही की शिकार हुई दो महिलाओ को काफी लम्बे समय बाद इन्साफ मिला |राम रहीम का मामला का यह मामला उस वक्त सामने आया जब वर्ष 2002 में तत्‍कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को पत्र लिखकर एक साध्‍वी ने बाबा गुरमीत राम रहीम पर यौनशोषण का आरोप लगाया।

अटल बिहारी वाजपाये के अलावा साध्वी ने दिल्ली हरयाणा और पंजाब के मुख्य न्यायाधीश को भी भेजा था। इसके बाद हिघ्कोर्ट ने इसकी जांच सीबीआई पर सोप दी थी और सीबीआई ने राम रहीम को दोषी पाए जाने के बाद उनके खिलाफ खिलाफ धारा 376 और 506 के तहत आरोप तय किये थे। बलात्कार होने के करीब दस साल बाद दो पीड़ित महिलाओं के बयान 2009 और 2010 में दर्ज किए गए।

साध्वी ने चिट्ठी में क्या लिखा था?

साध्वी ने चिट्ठी लगाकर आरोप लगाया था कि, वह पंजाब कि रहने वाली है। ‘तब वह स्नातक कि पढ़ाई कर रही थी। माता-पिता के दबाव के कारण वह साध्वी बन गई थी। जहां उसे 40-45 लड़कियों के साथ डेरा में सेवा करने के लिए रखा गया था। दो साल बितने के बाद एक दिन राम रहीम ने उसे गुफा में बुलाया और डरा धमका कर उसका यौन शोषण किया। बाबा ने ऐसा कई और अन्य लड़कियों के साथ किया।

कैसी है राम रहीम की काली दुनिया

दोनों साध्वियों ने राम रहीम का भंडाफोड़ा और उन्होंने बताया की कैसे राम रहीम अपने डेरे की गुफाओ में वह की महिलाओ के साथ रेप किया करते थे |पीड़ितों के मुताबिक़ बताया जाता हैं की बाबा अपने आप को भगवान मन ने लग गए थे |यहां साध्वियों ने चौकाने वाली बात बताई कि बाबा के चेले बलात्कार को ‘माफी’ कहते थे। ज्यादातर लड़कियां अपने परिवार वाले के अंध भक्त होने के कारण वहां रहने को मजबूर थीं।

हरियाणा के यमुनानगर की रहने वाली एक पीड़िता ने 28 फरवरी 2009 को दिये गए अपने बयान में कहा कि, उसे अपने भाई की वजह से जुलाई 1999 से डेरे में रहना पड़ा। बाद में भाई ने जब अपनी बहन को न्याय दिलाने के लिए कानून का सहारा लिया तो उसकी हत्या करा दी गई। साध्वी ने अपने बयान में ये भी कहा था कि, साध्वीयों से रेप को बाबा के चेले ‘पिताजी से माफी’ कहते थे।

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